
ब्राइड वेलकम स्पीच
हर चीज़ के लिए टीम को दोष दूँगा तो मैं अकेला ही रह जाऊँगा।
कभी-कभी अपनी ग़लती भी स्वीकार करनी चाहिए।
और मैं मानता हूँ—
ये ग़लती मेरी है।
जिसके लिए सबसे ज़्यादा नाराज़ मैं उन महिलाओं को करने वाला हूँ,
जो अब ‘सास’ बन चुकी हैं।
नाराज़ इसलिए कि वो ज़रूर शिकायत करेंगी—
"ये ग़लती पहले क्यों नहीं की, जब हम बहू बनकर आई थीं?"
लेकिन कहते हैं ना,
हर चीज़ का एक सही वक़्त होता है।
शायद वो वक़्त अब आ गया है।
अब ‘बहू’ को special feel करवाने का वक़्त है।
यह ज़माना महिलाओं का है, यह दौर उनका है।
तो फिर उनकी तारीफ़ में कुछ कहा क्यों न जाए?
ठीक वैसे ही,
जैसे बेटी के लिए कहा जाता है,
माँ के लिए कहा जाता है...
तो क्यों न इस बार एक मीठी-सी speech आपकी ‘बहू’ के स्वागत में पढ़ी जाए?
शादी में वैसे भी काम कम नहीं हैं। आप मेहनत क्यों करें?
यह भार हमें दे दीजिए।
यूँ भी कहते हैं ना—
'जिसका काम उसी को साजे।'
हम शब्दों से जादू करना जानते हैं।
हमारी यह जादुई speech
सिर्फ़ आपकी बहू के दिल में ही नहीं,
आपके पूरे परिवार में ख़ुशियों के रंग बिखेर देगी।
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