
कौन हैं हम लफ़्फ़ाज़ ?
हां, हम लफ़्फ़ाज़ हैं,
और हमें गर्व है कि हम लफ़्फ़ाज़ हैं
हम क्या हैं और कौन हैं—हम एक आदमी की प्रेरणा हैं या एक टीम...
इसके लिए ज़रूरी नहीं है कि 'About Us' के झरोखे में झाँका जाए।
हमारे बारे में बहुत कुछ हमारा Intro बता देता है, अगर आपने उसे ध्यान से देखा है। हमारी Services को पढ़कर आए होंगे तो हमारा बहुत-सा परिचय मिल ही गया होगा।
फिर भी कुछ जानना चाहते हो तो कह सकते हैं—हम दो Generations की एक टीम हैं...
Millennials और Gen Z, लेकिन सारे ही असाधारण!
असाधारण रूप से आलसी!
सही कहें तो हमसे काम-वाम कुछ होता नहीं है। सपने बुनना, कल्पनाएँ करना... बस, यही हमारा काम है। कभी काउच पर लंबी तान कर यारों से लफ़्फ़ाज़ी करना, कभी लैपटॉप खोलकर ऑफिस टेबल पर ऊँघने लगना, और कभी रात में बिस्तर से उठकर शब्दों का ताना-बाना बुनने लगना... अनछुए, अनदेखे मक़ामों की सैर करना।
हमने ज़िंदगी को सिर्फ़ किताबों या फ़िल्मों में नहीं लिखा, जिन एहसासों को हम आपके लिए लिखने वाले हैं, हमने उन्हें बेहद क़रीब से जिया है। हमारे पास दर्द के छाले भी हैं और इश्क़ के नग़्मे भी।
पढ़ने में हम थोड़े निकम्मे ही रहे, इसलिए ज़िंदगी ने हमें हमेशा उल्टा लटकाए रखा—जहाँ हर एहसास सबक़ बनता है, उस दहलीज़ पर बैठाए रखा।
कुर्ता पहने, काँधे पर झोला लटकाए, बड़ी-सी ऐनक चढ़ाए—हम वो वाले बनावटी 'लफ़्फ़ाज़' कतई नहीं हैं!
हम तो बहरूपिए हैं। जब जैसी ज़रूरत हो, वैसा रूप धर लेते हैं। हँसने कहो, बच्चों-से हँस देंगे। रोने कहो, तो हम जैसा रोने वाला कोई न मिले। हमारे ख़ीसे में सारा साज़ो-सामान है—उम्र एक है, मगर कई उम्रों के तजुर्बात हैं...
वो कहते हैं कि अब तो AI आ गया है, हम AI से लिखवाते हैं—क्या ये वही लोग हैं, जो अपनी महबूबा से मिलने भी दोस्तों की मंडली साथ ले जाते हैं?
बिना विष पिए भला कहाँ कोई शिव हुआ है!
हम लफ़्फ़ाज़ हैं, क्योंकि हमने अमृत चखा है और विष भी पिया है।
बताइए, और क्या जानना चाहते हैं हमारे बारे में?
